जेल में महिलाओं को करवाचौथ पर तोहफा, सरकार ने की 11 दिन की सजा माफ

करनाल : नारी का सम्मान भारतीय संस्कृति व धर्म का आधार है वह किसी भी स्थिति में हो सदैव सम्मान की हकदार होती है। इसी दृश्टीकोण के चलते जिला जेल करनाल में महिला बन्दियों को गरिमापूर्ण वातावरण प्रदान करने के लिये करवाचौथ के पर्व पर एक विषेश कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला जेल में महिला सशक्तीकरण के लिए ब्यूटी कल्चर के प्रशिक्षण दिया गया है जिसमें कई महिला बन्दियों नें इस क्षेत्र में निपुणता हासिल की। इस अवसर पर करनाल की मेयर रेणू बाला को जेल प्रशासन नें विषेश तौर पर आमंत्रित किया। उनके साथ अनेक महिला पार्षद भी मौजूद रहीं। मेयर रेणू बाला ने करवा चौथ को लेकर जहां महिला बन्दियों को करवाचौथ की शुभकामनाएं दी वहीँ कठिन समय में मनोबल बनाये रखने के लिये उनको सांत्वना भी प्रदान की। गौरतलब है कि करवाचौथ भारतीय संस्कृति का प्रमुख त्यौहार है जिसमें पत्नी उपवास रख कर ईश्वर से पति की लम्बी आयू की प्रर्थाना करती है। जेल अधीक्षक शेर सिंह नें बताया कि 19 अक्तूबर को सायं 5 बजे तक बाहर से आने वाले जेल में बंद महिलाओं के पति व बंद पुरुष बन्दियों की पत्नी की मुलाकात अवश्य करवाई जाएगी। तकि करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाएं अपने पति का दर्शन कर उपवास का पालन कर सकें। उन्होंने बताया कि महिलाओं की भावनाओं को समझ कर उनका सम्मान करना हमारा नैतिक कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि नारी प्रत्येक रूप में सम्मान की पात्र है। हमारा उद्देष्य जेल में बंद बन्दियों को सम्मान व गरिमापूर्ण वातावरण प्रदान करके उनके तनाव को कम करना व उनमें सकारात्मक परिवर्तन लाना है, यह प्रयास इस कडी में एक पहल है। करवा चौथ पर हरियाणा सरकार की और से महिला बंदियों को 11 दिन की सजा माफ़ी का तोहफा भी दिया गया जिसका स्वागत करते हुए मेयर व् अन्य अतिथियों ने स्वर्ण जयंती पर महिला बंदियों को और छुट दिए जाने की मांग की।

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